करीब आओ
लेलो मुझे बाँहों में
नाम अपना तुम
पढ़ लो मेरी आँखों में
खो जाओ एक पल को
मेरी छुअन के एहसासों में
थोड़ी देर चुप रहो यार
क्या रखा है बातों में
मुस्कराहट है या नूर है
Saturday, 6 April 2013
Tuesday, 25 September 2012
चाँद ने लिखा है पानी में
चाँद ने लिखा है पानी में
जब से तुम्हारा नाम
तुम्हारी तरह हंसती है
हर सुबह,हर शाम
एक पल में भर लेता है
दिल तुम तक उड़ान
और करती हैं निगाहें तुमसे
मेरे प्यार का बयान
****************
तुम से है ज़िन्दगी
तुम से ही जहान
हर ज़ज्बात को
दी है तुमने एक नई पहचान
******************
पंछी आज भी लाते हैं
तुम्हारे ही पैगाम
ख़त पर लिखा होता है
तुम्हारे हाथ से मेरा नाम
******************
चाँद ने लिखा है पानी में
जब से तुम्हारा नाम
तुम्हारी तरह हंसती है
हर सुबह,हर शाम
हवा चली है अभी अभी
हवा चली है
अभी अभी
अभी तो तुम
मुस्काई हो
**

बादल बनकर
कहाँ से तुम
मुझ तक उड़कर
आई हो
****
आसमां कहाँ
इतना चमकता है
अपने नूर से तुम
चमकाई हो
***
बाग में देखा
हर डाल पर
एक फूल सी तुम
अंगड़ाई हो
***
कोयल की कूक में
बांसुरी सी
शायद धुन तुम ही
बजाई हो
***
मोर नाच रहा
है जंगल में
वो नाच तुम ही
सिखाई हो
***
हवा चली है
अभी अभी
अभी तो तुम
मुस्काई हो
**
बादल बनकर
कहाँ से तुम
मुझ तक उड़कर
आई हो
हवा चली है
अभी अभी
अभी तो तुम
मुस्काई हो
**

बादल बनकर
कहाँ से तुम
मुझ तक उड़कर
आई हो
****
आसमां कहाँ
इतना चमकता है
अपने नूर से तुम
चमकाई हो
***
बाग में देखा
हर डाल पर
एक फूल सी तुम
अंगड़ाई हो
***
कोयल की कूक में
बांसुरी सी
शायद धुन तुम ही
बजाई हो
***
मोर नाच रहा
है जंगल में
वो नाच तुम ही
सिखाई हो
***
हवा चली है
अभी अभी
अभी तो तुम
मुस्काई हो
**
बादल बनकर
कहाँ से तुम
मुझ तक उड़कर
आई हो
Wednesday, 8 August 2012
आंसू भी मुस्काते हैं
कहने को ये आंसू हैं
पर मुस्काते हैं क्योंकि
मुस्काते तुम्हारे कई चेहरे
इनको दिख जाते हैं
********************
तुम्हारे लबों के रंग
जब इनमें समाते हैं
हर तरह के दुःख को
ये विसराते हैं
********************
तुम्हारी बातों पर खुश
ये जब खुद को पाते हैं
अकेले में ख़ुशी को
ये दोहराते हैं
*******************
पता नहीं कहाँ पर
ये छुप जाते हैं
जब सामने अपने
तुमको ये पाते हैं
******************
कहने को ये आंसू है
पर मुस्काते हैं क्योंकि
मुस्काते तुम्हारे कई चेहरे
इनको दिख जाते हैं
Tuesday, 7 August 2012
फूल सी हंसी तुम्हारी
फूल सी हंसी तुम्हारी
गुलाबी कर गयी
कजरारी नज़र प्यार भरी
शायरी कर गयी
******************
बातों की तुम्हारी रोज़ कई
महफ़िल जमी रही
ऐसा कुछ असर
तुम बेहिसाबी कर गयीं
******************
लफ्ज़-लफ्ज़ तुम्हारा
देता रहा जब साथ
मन को मुस्कराने का
तुम आदी कर गयीं
*********************
सदा झूलते रहे दो फूल
एक दूजे की बाँहों में
प्यार की कहानी को
तुम इतना किताबी कर गयीं
***********************
वो तुम्हारी कमसिन शरारतें
वो तुम्हारा रंगीला शोर
खेल खुशियों संग
खुशियाँ बेशुमारी कर गयीं
********************
फूल सी हंसी तुम्हारी
गुलाबी कर गयी
कजरारी नज़र प्यार भरी
शायरी कर गयी
मुस्कराहट है या नूर है
मुस्काती हो तुम
तो मौसम भी मुस्काता है
हवा का हर झोका
तुम्हारी याद दिलाता है
******************
बारिश की बूंदों से
दिल पर जो लिख जाता है
तुम्हारा प्यार है
बहुत सुकून पंहुचाता है
********************
ख्यालों में जब कभी
तुम्हारा चेहरा आता है
तुम्हारी कजरारी आँखों से
वो एक गीत गाता है
********************
जब धडकता दिल तुमको
बहुत ही सुन्दर बताता है
गुलाबी रुखसारों पर तुम्हारे
नूर सा आता है
********************
मुस्काती हो तुम
तो मौसम भी मुस्काता है
हवा का हर झोका
तुम्हारी याद दिलाता है
तेरी-मेरी धडकनों
का मतलब
धड़कन कभी मेरी
कभी तेरी
हम दोनों की
वो प्यारी सहेली
****************
साथ पढ़ी
साथ खेली
हरेक अदा उसकी
एकदम अलबेली
**************
वो वारिश की बूँद
वो एहसास बर्फ का
वो ख्याल ख़ुशी का
आंसू वो दर्द का
******************
वो एक नाज़ुक दर्पण
वो पल एक संघर्ष का
कण कण में तन के लिखे
वो मर्म एक स्पर्श का
**********************
नदिया सी वो बहे
पर्वत सी वो बड़ी
फूलों सी मुस्काकर वो
गुल में करती जादूगरी
***************************
कभी लगे वो अप्सरा
कभी लगे वो परी
टिक-टिक करे वो दिल में
जैसे करे कोई घड़ी
************************
वो ही एक सशक्त हाथ में
एक कोमल हथेली
पूंछे चाहने वाले से
प्यार की पहेली
*******************
धड़कन कभी मेरी
कभी तेरी
हम दोनों की
वो प्यारी सहेली
****************
साथ पढ़ी
साथ खेली
हरेक अदा उसकी
एकदम अलबेली
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