हवा चली है अभी अभी
हवा चली है
अभी अभी
अभी तो तुम
मुस्काई हो
**

बादल बनकर
कहाँ से तुम
मुझ तक उड़कर
आई हो
****
आसमां कहाँ
इतना चमकता है
अपने नूर से तुम
चमकाई हो
***
बाग में देखा
हर डाल पर
एक फूल सी तुम
अंगड़ाई हो
***
कोयल की कूक में
बांसुरी सी
शायद धुन तुम ही
बजाई हो
***
मोर नाच रहा
है जंगल में
वो नाच तुम ही
सिखाई हो
***
हवा चली है
अभी अभी
अभी तो तुम
मुस्काई हो
**
बादल बनकर
कहाँ से तुम
मुझ तक उड़कर
आई हो
हवा चली है
अभी अभी
अभी तो तुम
मुस्काई हो
**

बादल बनकर
कहाँ से तुम
मुझ तक उड़कर
आई हो
****
आसमां कहाँ
इतना चमकता है
अपने नूर से तुम
चमकाई हो
***
बाग में देखा
हर डाल पर
एक फूल सी तुम
अंगड़ाई हो
***
कोयल की कूक में
बांसुरी सी
शायद धुन तुम ही
बजाई हो
***
मोर नाच रहा
है जंगल में
वो नाच तुम ही
सिखाई हो
***
हवा चली है
अभी अभी
अभी तो तुम
मुस्काई हो
**
बादल बनकर
कहाँ से तुम
मुझ तक उड़कर
आई हो
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