मुस्कराहट है या नूर है
Saturday, 6 April 2013
करीब आओ
लेलो मुझे बाँहों में
नाम अपना तुम
पढ़ लो मेरी आँखों में
खो जाओ एक पल को
मेरी छुअन के एहसासों में
थोड़ी देर चुप रहो यार
क्या रखा है बातों में
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